कक्षा छठी में मुहावरों व लोकोक्तियों पर मज़ेदार डमश्राज़ गतिविधि!

आज कक्षा छठी में मुहावरों और लोकोक्तियों को समझने और उन्हें दैनिक जीवन में प्रयोग करना सिखाने के लिए एक रोचक डमश्राज़ गतिविधि आयोजित की गई।

बच्चों को समूहों में बाँटा गया और हर समूह ने बिना बोले केवल संकेतों और हाव-भाव के माध्यम से दिए गए मुहावरे या लोकोक्ति का शानदार अभिनय किया। बाकी विद्यार्थियों ने उत्साहभरे अंदाज़ में उन्हें पहचानने की कोशिश की, जिससे कक्षा में हँसी, उमंग और रचनात्मकता का माहौल बन गया।

इस गतिविधि ने न केवल विद्यार्थियों के भाषा-ज्ञान को समृद्ध किया, बल्कि टीमवर्क, संप्रेषण कौशल और मंच कौशल को भी मजबूत किया।
बच्चों की सक्रिय भागीदारी और आत्मविश्वास वाकई काबिले-तारीफ़ था!